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International Journal of Geography, Geology and Environment
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P-ISSN: 2706-7483, E-ISSN: 2706-7491

Impact Factor: RJIF 5.14

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"International Journal of Geography, Geology and Environment"

2020, Vol. 2, Issue 2, Part B

पश्चिमी राजस्थान में जलवायु परिर्वतन का प्रभाव


Author(s): Shrawan Gour and Monika Kannan

Abstract: राजस्थान की भौगोलिक स्थिति भारतीय उपमहाद्वीप में 23ह् 3′ से 30ह् 12′ उ. अक्षाशों में तथा 69° 30′ से 78° 17′ पूर्वी देशांतरों के मध्य स्थित है। 21वीं सदी के जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल प्च्ब्ब् 2007 द्वारा अनुमानित के अंत तक जलवायु परिवर्तन के प्रभाव भारत के अद्र्वषुष्क क्ष्®त्रो की तुलना में शुष्क क्ष्®त्रों (प.रेगिस्तार क्षैत्र) पर अधिक होने की सम्भावना है। इसमें राजस्थान का लगभग 21ण्11 प्रतिषत भाग आता है। जिसमें लगभग 40 प्रतिषत जनसंख्या तथा 12 जिले आते है। थार का मरूस्थल‘‘ ग्रेट पेलियो आर्कटिक अफ्रीका मरूस्थल ’’का ही पूर्वी भाग है। पिछले 100 वर्षो में थार मरूस्थलीय भू-भाग पर वर्षा में 144 मिमी वर्षा की वृद्वि तथा तापमान में -0.52 डिग्री सेल्सीयस कमी आई है। अधिक सिंचाई से सम की समस्याएं और मरूस्थली करण का प्रभाव भी बढा है। जिसका प्रमुख कारण जनसंख्या वृद्वि, वनस्पति कटाई, पषुचराई, जैविक गतिविधियों है, जिससे निरंतर रेगिस्तान प्रसार, मिट्टी सरण हो रहा है। थार मरूस्थल भारतीय उप महाद्वीप में ऋतु चक्र को नियंत्रीत करता है। थार मरूस्थलीय क्षेत्र ग्रीष्म ऋतु में निम्न वायु दाब तथा हवाओं का गर्म होना है वर्तमान सदी की अंतिम तिमाही तक देष में औसत वार्षिक तापमान 3-5 डीग्री सेल्सीयस की वृद्वि होने की सम्भावना सर्वाधिक होगी। इस दौरान वार्षिक वर्षा में वृद्वी औसत से 7-10 प्रतिषत होने की उम्मीद है। थार के रेगीस्तान में लम्बी अवधि के रूझान से (1971-2011) हवा को तापमान में रात्री सदी के अन्त तक वृद्वि दर्ज की गई है। जिसमें बीकानेर में $3.3 डिग्री सेल्सीयस, जैसलेमर में $2.9 डीग्री सेल्सीयस, जोधपुर और पाली में $2.5 डीग्री सेल्सीयस, नागौर में $2.3डीग्री सेल्सीयस की वृद्वि दर्ज की गई है तथा यह वर्तमान में जारी है। जोधपुर में 8 जून 2016 को 48.2 डीग्री सेल्सीयस तापमान दर्ज किया गया जो अभी तक के रिकोर्ड में सर्वाधिक है। वर्तमान अध्ययन से थार के रेगीस्तान में वार्षिक वर्षा (1971-2011) में परिवर्तन की प्रवृति देखने को मिलती है जहाॅ बिकानेर में $10 सेमी, जैसलमेर में $12.4 सेमी, जोधपुर में -4 सेमी और पाली में 2.1सेमी वर्षा में परिवर्तन देखने को मिलता है। थार क्षैत्र में 1971-2011 के अध्ययन से पता चलता है भी यहा के तापमान में 2.3-3.6 डीग्री सेल्सीयस तापमान भी वृद्वि हुई है। थार रेगिस्तान मे प्राकृतिक पर्यावरण व संसाधनो के विदोहन से पर्यावरण व जीव जन्तुओं पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ा है।

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How to cite this article:
Shrawan Gour, Monika Kannan. पश्चिमी राजस्थान में जलवायु परिर्वतन का प्रभाव. Int J Geogr Geol Environ 2020;2(2):117-124.
International Journal of Geography, Geology and Environment