छत्तीसगढ़ की अरपा नदी में रेत खनन का मूल्यांकन
Author(s): पी.एल. चन्द्राकर, दीपक चन्द्राकर
Abstract: रेत खनन कार्य से प्राप्त होने वाला आधारभूत संसाधन है। निर्माण कार्यो एवं उद्योग के लिए पिछले कई दशकों से रेत की तीव्र गति से मांग बढ़ रही है। यदि यह मांग निरंतर बढ़ती रहेगी तो 21वीं सदी के उत्तरार्ध तक यह संसाधन समाप्त हो जायेगा।
नदियों के रेत खनन के स्थायी निष्कर्षण के लिए प्रभावी नीतियाँ बनाने के लिए नदी की रेत खनन के प्रभावों का गुणात्मक एवं मात्रात्मक दोनो आंकड़ो की आवश्यकता है।
यह शोध पत्र छत्तीसगढ़ के अरपा नदी में रेत खनन के भौतिक, रासायनिक, जैवित और मानवजनित पर्यावरण पर प्रभावों की जटिलता और व्यापकता का मूल्यांकन है जिसके आधार पर शाश्वत रेत खनन एवं विज्ञान आधारित नीतियों को विकसित किया जा सकता है।
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How to cite this article:
पी.एल. चन्द्राकर, दीपक चन्द्राकर. छत्तीसगढ़ की अरपा नदी में रेत खनन का मूल्यांकन. Int J Geogr Geol Environ 2025;7(6):01-04.